8th Pay Commission Alert: इस बार बड़े अफसरों की नहीं, छोटे कर्मचारियों जिनकी सैलरी बहुत कम से उनकी लगेगी लॉटरी? जानिए इनसाइड खबर
देश Desh के करोड़ों सरकारी कर्मचारी karmchari और पेंशनर्स इस समय 8वें वेतन आयोग का इंतजार कर रहे हैं। जब भी सरकार नए वेतन आयोग (Pay Commission) की बात करती है, तो हर सरकारी कर्मचारी sarkari karmchari और पेंशनर के मन में बस यही सवाल उठता है, ‘मेरी सैलरी कितनी बढ़ेगी?’या ‘मेरा फिटमेंट फैक्टर fitment factor क्या होगा?’ लेकिन इस बार कहानी थोड़ी अलग है। परदे के पीछे एक बिल्कुल नया मुद्दा गरमा गया है, जो सीधे तौर पर छोटे और मध्यम स्तर के कर्मचारियों karmchariyon की जेब से जुड़ा है। अंदर की खबर यह है कि इस बार लड़ाई सिर्फ सैलरी salary बढ़ाने की नहीं, बल्कि बड़े अधिकारियों और छोटे कर्मचारियों karmchariyon की तनख्वाह के बीच के भारी अंतर को पाटने की है। आइए जानते हैं कि पूरा मामला क्या है और क्यों इस बार छोटे कर्मचारियों karmchariyon की लॉटरी लग सकती है।
सैलरी गैप का मुद्दा आखिर क्यों उठ रहा है?
पिछले दो वेतन आयोगों aayog में सभी कर्मचारियों karmchariyon की सैलरी salary बढ़ी थी। लेकिन आंकड़े बताते हैं कि ऊंचे पदों पर बैठे अधिकारियों की बेसिक सैलरी salary में बढ़ोतरी का फायदा ज्यादा मिला। यानी सैलरी salary बढ़ी तो सभी का, लेकिन बढ़ोतरी का असर हर स्तर पर बराबर नहीं रहा। इसी वजह से कर्मचारी karmchari संगठन अब चाहते हैं कि 8वें वेतन आयोग aayog में निचले स्तर के कर्मचारियों karmchariyon को ज्यादा राहत दी जाए।
आंकड़े क्या कहते हैं?
6वें वेतन आयोग aayog के समय न्यूनतम बेसिक सैलरी 7 हजार रुपए थी। इसके बाद 7वें वेतन आयोग में यह बढ़कर 18 हजार रुपए rupye हो गई। दूसरी तरफ, सबसे ऊंचे स्तर की बेसिक सैलरी 80 हजार रुपए से बढ़कर करीब 2.5 लाख lakh रुपए rupye तक पहुंच गई। यहीं से चर्चा शुरू हुई कि क्या बड़े अधिकारियों को अपेक्षाकृत ज्यादा फायदा मिला? इसी वजह से अब कर्मचारी संगठन वेतन vetan संरचना की दोबारा समीक्षा की मांग कर रहे हैं।
क्या इस बार छोटे कर्मचारियों को मिल सकता है ज्यादा फायदा?
कई कर्मचारी यूनियनों का मानना है कि अगर निचले स्तर के कर्मचारियों karmchariyon को ज्यादा राहत दी जाती है तो इससे वर्कप्लेस पर संतुलन बढ़ेगा। उनका तर्क है कि महंगाई का असर सबसे ज्यादा कम सैलरी पाने वाले कर्मचारियों karmchariyon पर पड़ता है। ऐसे में अगर वेतन संशोधन में उन्हें ज्यादा राहत मिले तो इसका सीधा फायदा लाखों lakho परिवारों family को होगा। यही कारण है कि 8वें वेतन vetan आयोग से जुड़ी चर्चाओं में अब ‘समान वेतन वृद्धि’ और ‘संतुलित वेतन vetan ढांचा’ जैसे मुद्दे तेजी से सामने आ रहे हैं।
कितने लोगों पर पड़ेगा असर?
8वें वेतन आयोग की सिफारिशों का असर सिर्फ सरकारी कर्मचारियों sarkari karmchariyon तक सीमित नहीं रहेगा। इसका सीधा असर करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों, 65 लाख lakh से ज्यादा पेंशनर्स Pensioner पर पड़ सकता है। यानी करीब 1.19 करोड़ crore लोग इस फैसले से सीधे प्रभावित होंगे।
इस बार क्या बदल सकता है?
जानकारों का मानना है कि इस बार आयोग केवल वेतन vetan बढ़ाने तक सीमित नहीं रह सकता है। संभावना है कि सैलरी स्ट्रक्चर salary structure को ज्यादा संतुलित बनाने पर भी विचार किया जाए। अगर ऐसा होता है तो कम वेतन पाने वाले कर्मचारियों karmchariyon को अपेक्षाकृत ज्यादा राहत मिल सकती है। हालांकि अंतिम फैसला आयोग की सिफारिशों और सरकार Government की मंजूरी के बाद ही साफ होगा।
कर्मचारियों की नजर अब किस पर है?
फिलहाल कर्मचारी संगठनों और पेंशनर्स से सुझाव लिए जा रहे हैं। हर किसी की नजर इस बात पर है कि 8वां वेतन vetan आयोग सिर्फ सैलरी salary बढ़ाने का फॉर्मूला formula लेकर आता है या फिर सैलरी salary के बढ़ते अंतर को कम करने की दिशा में भी कोई बड़ा कदम उठाता है।