सोना नहीं खरीदने की पीएम मोदी की अपील का असर! चांदी की ओर बढ़े लोग, बाजार में बदला ट्रेंड
प्रधानमंत्री Narendra Modi की ओर से देशवासियों से एक साल तक सोना कम खरीदने की अपील के बाद सर्राफा बाजार में अलग तरह का माहौल देखने को मिल रहा है। सोमवार को बाजार खुलते ही जहां सोने की खरीदारी में हल्की सुस्ती दिखाई दी, वहीं चांदी की मांग अचानक बढ़ गई। कई जगहों पर निवेशकों और ग्राहकों का रुख चांदी की तरफ जाता नजर आया।
भारत में सोना सिर्फ निवेश नहीं, बल्कि भावनाओं और परंपरा से जुड़ा हुआ माना जाता है। शादी-ब्याह, त्योहार और शुभ अवसरों पर लोग सोना खरीदना पसंद करते हैं। यही वजह है कि पीएम मोदी की अपील चर्चा का बड़ा विषय बन गई है। पिछले वर्षों में भी प्रधानमंत्री की कई अपीलों का असर लोगों के व्यवहार में देखा गया है, चाहे गैस सब्सिडी छोड़ने की बात हो या कोविड नियमों का पालन।
जानकारों का कहना है कि इस अपील के पीछे देश की आर्थिक स्थिति एक बड़ी वजह मानी जा रही है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है और इसका असर भारत के करेंट अकाउंट डेफिसिट (CAD) पर पड़ सकता है। ऐसे समय में सोने के आयात पर दबाव कम करने की कोशिश को अर्थव्यवस्था के नजरिए से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
चांदी की कीमतों में आई तेजी
सोमवार को बाजार खुलते ही चांदी की कीमतों में मजबूत उछाल देखने को मिला। कारोबार के दौरान चांदी करीब ₹2,200 प्रति किलो तक महंगी हो गई। कई जगहों पर इसकी कीमत ₹2,64,922 प्रति किलो तक पहुंचने की चर्चा रही। दूसरी तरफ सोने की कीमतें सीमित दायरे में बनी रहीं और खरीदारी में पहले जैसी तेजी नहीं दिखी।
सर्राफा कारोबारियों की बढ़ी चिंता
Zaveri Bazaar समेत कई बड़े बाजारों में कारोबारियों ने चिंता जाहिर की है। व्यापारियों का कहना है कि देशभर में करोड़ों लोग सर्राफा कारोबार से जुड़े हैं और यह लाखों परिवारों की आय का प्रमुख साधन है। उनका मानना है कि निवेश के उद्देश्य से ज्यादा खरीदारी करने से बचना चाहिए, लेकिन जरूरत के हिसाब से सोना खरीदना पूरी तरह सामान्य बात है।
कारोबारियों ने यह भी कहा कि सोने के दाम पिछले कुछ वर्षों में काफी बढ़ चुके हैं और कई शहरों में कीमतें प्रति 10 ग्राम डेढ़ लाख रुपये के आसपास पहुंच गई हैं। ऐसे में आम ग्राहक भी अब सोच-समझकर खरीदारी कर रहे हैं।
लोगों की सोच में दिखा बदलाव
कई ग्राहकों का कहना है कि भारतीय परंपरा में सोने का विशेष महत्व हमेशा बना रहेगा। हालांकि बढ़ती कीमतों और आर्थिक हालात को देखते हुए लोग अब सीमित खरीदारी को बेहतर विकल्प मान रहे हैं। कुछ निवेशकों ने फिलहाल चांदी को सस्ता और बेहतर विकल्प मानते हुए उसमें रुचि बढ़ाई है।