अब ‘ओटीपी’ बताएगा स्कूल पहुंचा या नहीं एमडीएम का राशन, पढ़िए सूचना
आजमगढ़: परिषदीय और मान्यता प्राप्त विद्यालयों vidyalaya में मध्याह्न भोजन योजना के तहत दिए जाने वाले खाद्यान्न में अब कोटेदार और प्रधानाध्यापक Headmaster गड़बड़ी नहीं कर सकेंगे। अब ओटीपी OTP बताएगी कि विद्यालयों vidyalaya तक एमडीएम MDM का राशन वास्तव में पहुंचा है या नहीं।राशन वितरण की पूरी प्रक्रिया को खाद्य एवं रसद विभाग के पोर्टल Portal से जोड़ा जाएगा। जिससे आवंटन से लेकर स्टॉक की उपलब्धता तक हर गतिविधि ऑनलाइन Online दर्ज होगी। नई व्यवस्था के तहत विद्यालयों vidyalaya को खाद्यान्न वितरण तभी मान्य होगा, जब कोटेदार और विद्यालय के प्रधानाध्यापक अथवा अधिकृत प्रतिनिधि दोनों की ओर से ओटीपी OTP के माध्यम से इसकी पुष्टि की जाएगी। विभागीय अधिकारियों के अनुसार पहले कई बार खाद्यान्न उठान और वितरण के बीच अंतर की शिकायतें सामने आती थीं।
कहीं विद्यालयों vidyalaya तक पूरा राशन नहीं पहुंचता था तो कहीं अभिलेखों और वास्तविक वितरण में अंतर पाया जाता था। नई डिजिटल व्यवस्था लागू होने के बाद प्रत्येक वितरण का ऑनलाइन रिकॉर्ड Record तैयार होगा, जिससे किसी भी स्तर पर निगरानी और सत्यापन आसान हो जाएगा। पोर्टल पर खाद्यान्न आवंटन, उठान, वितरण और शेष स्टॉक की जानकारी पोर्टल Portal पर उपलब्ध रहेगी।
संबंधित अधिकारी किसी भी समय विद्यालयवार स्थिति की समीक्षा कर सकेंगे। यदि किसी स्तर पर अनियमितता पाई जाती है तो उसकी जिम्मेदारी भी आसानी से तय की जा सकेगी।जिले District में 32 सौ परिषदीय और मान्यता प्राप्त विद्यालय हो रहे संचालितजिले में बेसिक शिक्षा विभाग basic shiksha vibhag के परिषदीय विद्यालयों vidyalaya तथा मान्यता प्राप्त विद्यालयों को मिलाकर करीब 32 सौ विद्यालय vidyalaya संचालित हैं। इन विद्यालयों vidyalaya में करीब तीन लाख बच्चे पढ़ाई करते हैं। इन बच्चों को प्रतिदिन मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराया जाता है। कक्षा एक से पांचवीं तक बच्चों को प्रतिदिन के हिसाब से सौ ग्राम चावल, गेहूं और कक्षा 6 से 8वीं तक के बच्चों को प्रतिदिन 150 ग्राम चावल और गेहूं उपलब्ध कराया जाता है।