महिला शिक्षिका ने BSA पर लगाए गंभीर आरोप, शिक्षा विभाग में मचा हड़कंप

महिला शिक्षिका ने BSA पर लगाए गंभीर आरोप, शिक्षा विभाग में मचा हड़कंप

उत्तर प्रदेश के महोबा जिले से शिक्षा विभाग को लेकर एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। यहां एक महिला प्रधानाध्यापिका ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) पर अशोभनीय व्यवहार, मानसिक उत्पीड़न और अनुचित प्रस्ताव देने जैसे सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में हलचल तेज हो गई है और पूरे जिले में इसकी चर्चा हो रही है।

पीड़ित महिला शिक्षिका ने आरोप लगाया है कि BSA ने उन्हें अपने आवास पर बुलाया और वहां अनुचित प्रस्ताव दिए। शिक्षिका का कहना है कि जब उन्होंने इन बातों का विरोध किया, तो उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया जाने लगा। महिला का आरोप है कि अधिकारी ने प्रमोशन का लालच देकर उन पर दबाव बनाने की कोशिश की।

“एक रात की बात है…” कहकर बनाया दबाव

महिला प्रधानाध्यापिका ने अपने शिकायती पत्र में बेहद गंभीर बातें लिखी हैं। उनके अनुसार, BSA ने कहा कि “एक रात की बात है, तुम्हारा प्रमोशन करवा दूंगा।”

इतना ही नहीं, शिक्षिका का आरोप है कि अधिकारी निजी नंबरों से लगातार फोन कर दबाव बनाते रहे। महिला का कहना है कि उन्होंने जब इन मांगों को मानने से इनकार कर दिया, तो इसके बाद उन्हें विभागीय स्तर पर प्रताड़ित किया जाने लगा।

कबरई ब्लॉक के विद्यालय में हैं तैनात

जानकारी के मुताबिक, पीड़ित महिला कबरई ब्लॉक के एक प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापिका के पद पर कार्यरत हैं। महिला का आरोप है कि उन्होंने हमेशा ईमानदारी से अपनी जिम्मेदारियां निभाईं, लेकिन जब उन्होंने अधिकारी की कथित अनुचित बातों को स्वीकार नहीं किया, तो उनके खिलाफ माहौल बनाया जाने लगा।

महिला शिक्षिका का कहना है कि उन्हें मानसिक दबाव में रखने की कोशिश की गई और कार्यस्थल पर भी परेशान किया गया।

पुलिस अधीक्षक से की शिकायत

मामले को गंभीर मानते हुए महिला शिक्षिका ने महोबा के पुलिस अधीक्षक (SP) को लिखित शिकायत दी है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

अब यह मामला शिक्षा विभाग के साथ-साथ पुलिस प्रशासन के लिए भी संवेदनशील बन गया है। शिकायत सामने आने के बाद विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।

जांच के बाद ही सामने आएगी सच्चाई

फिलहाल आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और मामले की जांच की मांग की गई है। ऐसे मामलों में जांच पूरी होने के बाद ही सच्चाई स्पष्ट हो पाएगी।

हालांकि, इस घटना ने एक बार फिर कार्यस्थल पर महिला कर्मचारियों की सुरक्षा और सम्मान को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिक्षा विभाग से जुड़े लोग भी इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं।

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