Viral post:- मास्साब, स्कूल नहीं आ पाउंगा, छात्र की देसी छुट्टी एप्लिकेशन ने इंटरनेट पर मचा दी धूम
स्कूलों में छुट्टी की अर्जी लिखने का एक तय तरीका होता है। ज्यादातर बच्चे वही पुराने शब्द लिखते हैं — “सविनय निवेदन है कि…”। लेकिन इस बार एक छात्र ने ऐसा लेटर लिखा कि टीचर भी मुस्कुरा उठे और सोशल मीडिया पर लोग उसे बार-बार पढ़ने लगे।
बुंदेलखंड के एक छात्र की छुट्टी एप्लिकेशन इन दिनों इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रही है। वजह है उसकी सीधी-सादी भाषा, देसी अंदाज और दिल छू लेने वाली मासूमियत। इस लेटर में न कोई भारी-भरकम शब्द हैं और न ही किताबों वाली औपचारिकता। बस अपनेपन से भरी बात है, जो लोगों को खूब पसंद आ रही है।
देसी भाषा में मांगी छुट्टी, लोग बोले- यही असली टैलेंट हैवायरल हो रहे इस आवेदन को सोशल मीडिया पर शेयर किया गया, जिसके बाद देखते ही देखते यह लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया। यूजर्स ने कहा कि आज के समय में जहां बच्चे इंटरनेट की भाषा में खोते जा रहे हैं, वहीं इस छात्र ने अपनी क्षेत्रीय बोली को जिस आत्मविश्वास से लिखा, वह काबिले तारीफ है।
छात्र ने अपनी एप्लिकेशन में बताया कि उसे पिछले दो दिनों से बुखार है और नाक भी बह रही है। इसी वजह से वह स्कूल नहीं आ पाएगा। खास बात यह रही कि उसने अपनी पूरी बात बुंदेलखंडी अंदाज में लिखी, जिसे पढ़कर हर कोई मुस्कुराने लगा।
आखिरी लाइन ने जीत लिया लोगों का दिल
इस एप्लिकेशन का सबसे मजेदार हिस्सा आखिर में लिखा गया वाक्य था। छात्र ने बड़े ही मजाकिया अंदाज में लिखा कि उसके स्कूल न आने से कोई स्कूल बंद नहीं हो जाएगा। बस यही लाइन इंटरनेट पर वायरल हो गई।
लोगों ने कमेंट करते हुए कहा कि यह लेटर किसी प्रोफेशनल राइटिंग से ज्यादा दिल से लिखा हुआ लगता है। कई यूजर्स ने इसे “सबसे ईमानदार छुट्टी आवेदन” तक बता दिया।
सोशल मीडिया पर जमकर आ रहे रिएक्शन
वायरल पोस्ट पर हजारों लाइक्स और कमेंट्स आ चुके हैं। कोई छात्र की सादगी की तारीफ कर रहा है, तो कोई उसकी देसी भाषा का फैन बन गया है। कुछ लोगों ने मजाक में लिखा कि अब वे भी छुट्टी लेने के लिए इसी स्टाइल का इस्तेमाल करेंगे।
आज के डिजिटल दौर में जहां हर चीज़ बनावटी लगने लगी है, वहां इस छोटे से लेटर ने लोगों को सादगी और अपनी मिट्टी की भाषा की याद दिला दी। शायद यही वजह है कि यह एप्लिकेशन सिर्फ एक छुट्टी पत्र नहीं, बल्कि लोगों के चेहरे पर मुस्कान लाने वाली कहानी बन गई।