बड़ी खबर : 5 शिक्षकों की सेवा समाप्त, पढ़िए पूरा मामला

बड़ी खबर : 5 शिक्षकों की सेवा समाप्त, पढ़िए पूरा मामला

शामली। एसआईटी की जांच में संदिग्ध श्रेणी में आए पांच शिक्षकों Teacher’s के शैक्षिक प्रमाण-पत्रों की जांच कराई गई तो वह फर्जी मिलें। 3 नोटिस notice प्रक्रिया पूरी होने के बाद बीएसए BSA ने पांचों शिक्षकों Teacher’s की सेवा समाप्त कर दी है।संबंधित बीईओ BEO को शिक्षकों Teacher’s पर मुकदमा दर्ज कराकर कापी कार्यालय भेजने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा वित्त एवं लेखाधिकारी को अभी तक किए गए समस्त भुगतान की सूची बनाकर रिकवरी करने का पत्र लिखा है। 2018 में शासन स्तर से एसआईटी का गठन कर फर्जी कागजों पर नौकरी job करने वाले शिक्षकों Teacher’s की जांच शुरू कराई गई थी।

जिले District के सात शिक्षक फर्जी श्रेणी में मिले थे। सभी को सेवा समाप्ति से पहले तीन नोटिस जारी किए गए थे, जिनमें दो शिक्षकों Teacher’s ने नोटिस का जवाब दिया है। उनके दिए गए तथ्यों की जांच कराई जा रही है, जबकि पांच शिक्षकों Teacher’s की नोटिस प्रक्रिया के बाद सेवा समाप्त कर दी गई है।

बीएसए BSA लता राठौर ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय बधेव में तैनात शिक्षक किरण निवासी कृष्णा कुंज कॉलोनी शामली, भूरा के प्राथमिक विद्यालय में तैनात अरविंद कुमार निवासी गांव बिजवाड़ा ब्लॉक बिनौली बागपत, ऊन ब्लाक में तैनात कपिल निवासी गांव जोनमाना जिला बागपत, शामली ब्लॉक के चांदवीर निवासी गांव मौजिजाबाद नागल जिला बागपत और थानाभवन ब्लॉक में तैनात शशि प्रभा निवासी विवेक विहार शामली के शैक्षिक प्रमाण पत्र संदेह के घेरे में थे।

इन सभी ने हाईस्कूल से लेकर स्नातक तक की डिग्रियां एक ही विश्वविद्यालय, संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी की लगाई थीं। विभाग ने जब संबंधित विश्वविद्यालय और माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से इन अभिलेखों का सत्यापन कराया, तो वहां के रिकार्ड record में इनका कोई विवरण नहीं मिला और डिग्रियां Digree फर्जी पाई गईं।

रिकॉर्ड record के अनुसार, शशि प्रभा ने 21 दिसंबर December 2005 को, कपिल कुमार ने 10 फरवरी 2009 को, अरविंद कुमार ने भी 10 फरवरी February 2009 को, किरण ने 2010 में और चांदवीर ने 12 मार्च March 2010 में इन फर्जी डिग्रियों के आधार पर विभाग vibhag में नियुक्ति पाई थी।

बीएसए BSA ने बताया कि फर्जीवाड़ा सामने आने पर पहले संबंधित शिक्षकों Teacher’s को नोटिस notice भेजकर जवाब मांगा गया था, लेकिन किसी ने भी संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दिया। इसके बाद विभाग ने उनकी नियुक्ति रद करने का फैसला लिया। संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) BEO को निर्देशित किया है कि वे इन शिक्षकों Teacher’s के खिलाफ तत्काल प्रभाव से संबंधित थानों में मुकदमा दर्ज कराएं। वित्त एवं राजस्व लेखाधिकारी को भी पत्र भेजा है कि अब तक किए गए समस्त भुगतान की गणना कर उनसे रिकवरी recovery की प्रक्रिया शुरू की जाए। वहीं, विभागीय सूत्रों के अनुसार शिक्षकों Teacher’s से करीब पांच करोड़ रुपये की रिकवरी हो सकती है।

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