सीएम योगी ने अनुदेशकों को दी बड़ी सौगात, बढ़ा मानदेय और 5 लाख तक कैशलेस इलाज का ऐलान
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने अंशकालिक अनुदेशकों के लिए बड़ा ऐलान किया है। रविवार को लखनऊ में आयोजित अंशकालिक प्रशिक्षक सम्मान समारोह और चेक वितरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बढ़े हुए मानदेय के साथ 5 लाख रुपये तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा देने की घोषणा की। इस फैसले से प्रदेश के हजारों अनुदेशकों को सीधा लाभ मिलने वाला है।
लखनऊ के लोकभवन सभागार में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार केवल घोषणाएं नहीं कर रही बल्कि उन्हें जमीन पर लागू भी कर रही है। उन्होंने बताया कि पहले भी वर्ष 2022 में अनुदेशकों के मानदेय में 2 हजार रुपये की बढ़ोतरी की गई थी, लेकिन सरकार इससे पूरी तरह संतुष्ट नहीं थी। अब अनुदेशकों को 17 हजार रुपये मानदेय देने का फैसला लागू किया गया है, जो 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी माना जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था की मजबूत नींव तैयार करने में अनुदेशकों और शिक्षा मित्रों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यदि नींव मजबूत नहीं होगी तो शिक्षा व्यवस्था भी मजबूत नहीं बन सकती। इसलिए उनका मानदेय सम्मानजनक होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि अनुदेशक गरिमा के साथ अपना कार्य करें और उन्हें सभी जरूरी सुविधाएं भी मिलें।
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कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि अनुदेशकों और उनके परिवारों को 5 लाख रुपये तक की कैशलेस स्वास्थ्य बीमा सुविधा दी जाएगी। इसके तहत इलाज की पूरी सुविधा कैशलेस तरीके से उपलब्ध होगी। यह सुविधा शिक्षा मित्रों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को भी दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा तैयार किए गए पोर्टल पर सभी पात्र लोग जल्द रजिस्ट्रेशन कर लें क्योंकि अगले सप्ताह से स्वास्थ्य कार्ड वितरण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार ने पहले भी अनुदेशकों के हित में कई फैसले लिए हैं। वर्ष 2019 में छह महीने के मानदेय सहित मातृत्व अवकाश की सुविधा दी गई थी। वहीं वर्ष 2023 में स्वेच्छा से विद्यालय परिवर्तन का विकल्प भी दिया गया, जिसके तहत चार हजार से अधिक अनुदेशकों को अपनी पसंद के अनुसार विद्यालय बदलने का अवसर मिला।
सीएम योगी ने कहा कि वर्तमान सरकार ने बेसिक शिक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव किए हैं। उन्होंने स्कूल चलो अभियान और ऑपरेशन कायाकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि आज प्रदेश के लगभग 96 प्रतिशत विद्यालयों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले शिक्षा व्यवस्था स्पष्ट नीति के अभाव में पिछड़ रही थी, लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है और सरकार लगातार सुधार के लिए काम कर रही है।
इस घोषणा के बाद प्रदेश के अनुदेशकों में खुशी का माहौल है। बढ़े हुए मानदेय और स्वास्थ्य बीमा जैसी सुविधाओं को अनुदेशकों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
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