मांग: जनगणना कार्य 2026 में शिक्षकों/ शिक्षामित्रों की ड्यूटी लगाए जाने के संबंध में व्यावहारिक एवं मानवीय बिन्दुओं पर विचारार्थ

मांग: जनगणना कार्य 2026 में शिक्षकों/ शिक्षामित्रों की ड्यूटी लगाए जाने के संबंध में व्यावहारिक एवं मानवीय बिन्दुओं पर विचारार्थ

बिजनौर (उत्तर प्रदेश): जनगणना 2026 में शिक्षकों/शिक्षामित्रों की ड्यूटी लगाए जाने के मुद्दे पर उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ (जनपद शाखा बिजनौर) ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर व्यावहारिक समस्याओं और मांगों को प्रमुखता से उठाया है।

संघ के जिलाध्यक्ष भूपेन्द्र कुमार और जिला मंत्री प्रशांत सिंह द्वारा सौंपे गए इस ज्ञापन में शिक्षकों की ड्यूटी निर्धारण को लेकर कई महत्वपूर्ण सुझाव और मांगें रखी गई हैं।

📌 ज्ञापन में उठाई गई मुख्य मांगें

👉 1. शिक्षण कार्य प्रभावित न हो
जनगणना ड्यूटी के कारण विद्यालयों में पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए ऐसा समय निर्धारण किया जाए जिससे शिक्षण कार्य और अन्य विद्यालयी कार्य प्रभावित न हों।

👉 2. ड्यूटी का स्थान पास में हो
शिक्षकों/शिक्षामित्रों की ड्यूटी उनके आवास या निकटतम क्षेत्र में लगाई जाए। दूरस्थ क्षेत्रों में ड्यूटी लगाने से आवागमन में कठिनाई और समय की बर्बादी होती है, जिससे कार्य प्रभावित होता है।

👉 3. विशेष श्रेणी के शिक्षकों को राहत
गर्भवती महिला शिक्षिकाओं, दिव्यांग और गंभीर रूप से अस्वस्थ शिक्षकों/शिक्षामित्रों को जनगणना ड्यूटी से मुक्त रखा जाए।

👉 4. अवकाश की व्यवस्था
यदि अवकाश के दिनों में ड्यूटी लगाई जाती है तो नियमानुसार अर्जित/प्रतिपूरक अवकाश प्रदान किया जाए।

⚠️ संघ की अपील

शिक्षक संघ ने प्रशासन से अपील की है कि शिक्षकों के हितों, शिक्षा व्यवस्था की निरंतरता और जनगणना कार्य की गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए व्यावहारिक एवं संतुलित निर्णय लिया जाए।

संघ का कहना है कि यदि इन बिंदुओं पर ध्यान दिया जाता है तो न केवल शिक्षकों की समस्याओं का समाधान होगा, बल्कि जनगणना जैसा महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य भी सुचारू और प्रभावी तरीके से पूरा किया जा सकेगा।

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