नया काम देने की तैयारी: परिषदीय विद्यालयों के शिक्षामित्र सर्वेयर की भूमिका निभाएंगे, पढ़िए सूचना

नया काम देने की तैयारी: परिषदीय विद्यालयों के शिक्षामित्र सर्वेयर की भूमिका निभाएंगे, पढ़िए सूचना

शाहजहांपुर: जिले में निरक्षरता को जड़ से खत्म करने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग basic shiksha vibhag की ओर से बड़ा लक्ष्य तय किया है। उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत जिले District में 17 हजार से अधिक असाक्षरों को साक्षर बनाने की व्यापक तैयारी शुरू कर दी गई है।इस अभियान में खास तौर पर महिलाओं mahilaon को केंद्र में रखा गया है, जिससे समाज के उस वर्ग तक शिक्षा की रोशनी पहुंचाई जा सके जो अब तक इससे वंचित रहा है। कार्यक्रम के अनुसार कुल लाभार्थियों में 75 प्रतिशत महिलाएं mahilaon और 25 प्रतिशत पुरुष शामिल किए जाएंगे। इस अभियान की खास बात यह है कि इसमें समाज के विभिन्न वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित की गई है।

परिषदीय विद्यालयों के शिक्षामित्र सर्वेयर की भूमिका निभाएंगे

जबकि कक्षा 5 से ऊपर के छात्र, एनएसएस, एनसीसी, बीएड प्रशिक्षु, स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सेवानिवृत्त कर्मचारी karmchari वालंटियर के रूप में योगदान देंगे। इन सभी को पोर्टल Portal के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जाएगा, हालांकि उन्हें कोई मानदेय mandey नहीं मिलेगा। हर सर्वेयर को चार से पांच असाक्षरों को साक्षर बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। चिन्हित लोगों के लिए परीक्षा Exam से पहले 200 घंटे की कक्षाएं Class चलाई जाएंगी, जिसमें प्रतिदिन 2 घंटे पढ़ाई कराई जाएगी। इन कक्षाओं Class में वे लोग भी शामिल होंगे जो पहले साक्षरता परीक्षा में असफल रह चुके हैं। बीएसए BSA दिव्या गुप्ता ने बताया कि इससे निरक्षरों की संख्या में कमी आएगी और साक्षरता दर भी बढेगी।

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